उपनिवेशवाद और देहात{सरकारी और अद्ययन}

उपनिवेशवाद और देहात{सरकारी और अद्ययन}

उपनिवेशवाद और देहात{सरकारी और अद्ययन}

Class 12 | Chapter 10

हिंदी नोट्स

याद रखने योग्य बात
  1.  औपनिवेशिक शासन सर्वप्रथम बंगाल में स्थापित हुआ था। इसी प्रांत में ही सबसे पहले ग्रामीण समाज को पुनः व्यवस्थित करने और भूमि संबंधी अधिकारों की नयी व्यवस्था तथा एक नयी राजस्व प्रणाली लागू करने के प्रयास किए गए।

  2. इस्तमरारी बंदोबस्त लागू होने के बाद 75 प्रतिशत से अधिक जमींदारियाँ बेच दी गई थीं।

  3. इस्तमरारी बंदोबस्त बंगाल के राजाओं और ताल्लुकदारों के साथ लागू किया गया। अब उन्हें जमींदारों के रूप में वर्गीकृत किया गया। उन्हें सदा के लिए एक निर्धारित राजस्व राशि सरकार को देनी थी।

  4. जमींदारों के नीचे अनेक गाँव होते थे। कंपनी के हिसाब से, एक जमीदार के अंतर्गत आने वाले गाँव मिलकर एक राजस्व संपदा का रूप ले लेते थे। जमींदार उन गांवों से निर्धारित राजस्व राशि इकट्ठी करता था।

  5. कंपनी जमींदारों को महत्त्व तो देती थी परन्तु वह उन्हें नियंत्रित तथा उनकी स्वायत्तता को सीमित भी करना चाहती थी। इस कारण जमींदारों को सैन्य-टुकड़ियों को भंग कर दिया गया, सीमा-शुल्क हटा दिया गया और उनकी कचहरियों को कंपनी द्वारा नियुक्त कलेक्टर कर देखरेख में रख दिया गया।

  6.  किसानों से (सैयत) राजस्व इकट्ठा करने के लिए जमींदार का एक अधि कारी, जिसे प्राय: अमला कहते थे, गाँव में आता था परन्तु राजस्व वसूली एक समस्या थी। कभी-कभी तो खराब फसल और नीची कीमतों के कारण किसानों के लिए लगान का भुगतान कर पाना कठिन हो जाता था। 

  7. अठारहवीं शताब्दी के अंत में धनी किसानों के कुछ समूह गाँवों में अपनी स्थिति मजबूत करते जा रहे थे। इन किसानों को 'जोतदार' कहा जाता था। उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभिक वर्षों तक जोतदारों ने जमीन के बड़े-बड़े टुकड़ों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था।

  8.  गाँवों में, जोतदारों की शक्ति, जमींदारों की शक्ति से अधिक थी। इसका कारण यह था कि जमींदार के विपरीत जो शहरी प्रदेशों में रहते थे, जोतदार गाँवों में ही रहते थे। इस प्रकार ग्रामवासियों के काफी बड़े भाग पर उनका सीधा नियंत्रण रहता था।

  9. जमीदार फ्री बिक्री द्वारा हो अपनी जमींदारियों पर नियंत्रण बनाए रखते थे। इसके अनुसार नीलामी के समय जमीदार के आदमी अथवा एजेंट हो उसकी ओर से जमींदारी खरीद लेते थे। 

  10.  रैयत मानते थे कि पुराना जमींदार ही उनका अन्नदाता है और ये उसकी प्रजा हैं। इसलिए जमीदारी की विक्री से उनके स्वाभिमान और गौरव को चोट पहुंचती थी।

  11. 1813 में ब्रिटिश संसद में एक रिपोर्ट पेश की गई थी। यह उन रिपोर्टों में से पाँचवीं रिपोर्ट थी जो भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन तथा क्रियाकलापों के विषय में तैयार की गई थी। इसलिए इसे पाँचवी रिपोर्ट के नाम से जाना जाता है। 

  12. ब्रिटेन के उद्योगपति ब्रिटिश माल के लिए भारत का बाजार खुलवाने के लिए उत्सुक थे। कई राजनैतिक समूहों का सो गह कहना था कि बंगाल विजय का लाभ केवल ईस्ट इंडिया कंपनी को ही मिल रहा है, संपूर्ण ब्रिटिश राष्ट्र को नहीं। 

  13. 'पाँचवीं रिपोर्ट' एक ऐसी रिपोर्ट थी जो एक प्रवर समिति ने तैयार की धी। यह रिपोर्ट भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन के स्वरूप पर ब्रिटिश संसद में गंभीर वाद विवाद का आधार बनाई गई थी।

  14. उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभिक वर्षों में, बुकानन ने राजमहल की पहाड़ियों का दौरा किया था। उसके अनुसार ये पहाड़ियाँ अभे लगती थी। यह एक ऐसा खतरनाक प्रदेश या जहाँ बहुत कम यात्री जाने का साहस करते थे। 

  15.  राजमहल की पहाड़ियों के इर्द-गिर्द रहने वाले लोगों को पहाद्विया जाता था। ये जंगल की उपज से अपना निर्वाह करते थे और झूम खेती किया करते थे।

  16. पहाड़िया पूरे प्रदेश को अपनी निजी भूमि मानते थे और वहाँ बाहरी लोगों के प्रवेश का प्रतिरोध करते थे। उनके मुखिया अपने समूह में एकता बनाए रखते थे और आपसी लड़ाई-झ

  17. अंग्रेजों के लिए स्थायो कृषि का विस्तार इसलिए आवश्यक था क्योंकि इससे राजस्व के स्रोतों में वृद्धि हो सकती थी, निर्यात के लिए फसल पैदा की जा सकती थी और एक सुव्यवस्थित समाज की स्थापना की जा सकती थी। 

  18. 1770 के दशक में ब्रिटिश अधिकारियों ने पहाड़ियों को निर्मूल कर देने की क्रूर नीति अपना लो। तत्पश्चात् 1780 के दशक में भागलपुर के कलेक्टर ऑगस्टस क्लीवलैंड ने शांति स्थापना की नीति अपनाई। इसके अनुसार पहाड़िया मुखियाओं को एक वार्षिक भत्ता दिया जाना था। बदले में उन्हें अपने आदमियों को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी लेनी थी। 

  19.  साल ।780 के दशक के आस-पास बंगाल में आने लगे थे। जमींदार लोग खेती के लिए नयी भूमि तैयार करने और कृषि का विस्तार करने के लिए उन्हें भाई पर रखते थे। ब्रिटिश अधिकारियों ने उन्हें जंगल महालां में बसने का निमंत्रण दिया।

  20.  संचालों को जमीन देकर राजमहल को तलहटी में बसने के लिए तैयार कर लिया गया। 1832 तक एक बहुत बड़े भू-माग का दामिन-इ-कोह के रूप में सीमांकित कर दिया गया और इसे संचालों की भूमि घोषित कर दिया गया।

  21.  संथात लोग अपनी खानाबदोश जिंदगी का छोड़ एक स्थान पर बस गए थे। वे बाजार के लिए कई प्रकार को वाणिज्यिक फसलें उगाने लगे थे और व्यापारियों तथा साहूकारों के साथ लेन-देन करने लगे थे। 

  22.  विद्रोह के बाद संथाल परगने का निर्माण कर दिया गया। इसके लिए 5500 वर्गमील का क्षेत्र भागलपुर तथा बीरभूम जिलों में से लिया गया। औपनिवेशिक राज को आशा थी कि संथालों के लिए नया परगना बनाने और उसमें कुछ विशेष कानून लागू करने से संभाल संतुष्ट हो जाएंगे।

  23. बंबई दक्कन में रैयतवाड़ी राजस्व प्रणाली लागू की गई। स्थायी बंदोबस्त के विपरीत, इस प्रणाली के अंतर्गत राजस्व की राशि सीधे किसानों के साथ तय की जाती थी। 

  24. 1832-34 के वर्षों में देहाती इलाके अकाल की चपेट में आकर बर्बाद हो गए। दक्कन का एक-तिहाई पशुधन मौत के मुंह में चला गया और आधी आबादी भी मौत का शिकार हो गई। जो बचे, उनके पास भी उस संकट का सामना करने के लिए खाद्यान्न नहीं था। राजस्व की बकाया राशियाँ आसमान को छूने लगीं। परिणामस्वरूप किसानों को ऋण लेने पडे जिन्हें चका पाना उनके लिए कठिन हो गया।

  25.  1861 में अमेरिकी गृहयुद्ध छिड़ जाने पर ब्रिटेन के कपास क्षेत्र (मंडी तथा कारखानों) में तहलका म त्र गया। अत: बंबई के कपास निर्यातकों ने ब्रिटेन की माँग को पूरा करने के लिए अधिक-से-अधिक कपास खरीदने का प्रयास किया। इसके लिए उन्होंने शहरी साहूकारों को अधिक-से-अधिक अग्रिम राशियाँ दीं ताकि वे उन ग्रामीण ऋणदाताओं को, जिन्होंने कपास उपलब्ध कराने का वचन दिया था, अधिक-से-अधिक धनराशि उधार दे सकें।

COMMENTS

Name

Bhopal,1,Blog,10,Business Study,1,CBSE,1,Civics,1,CivicsX1,18,CivicsX2,15,class 10,121,Class 11,48,Class 11 Geography,2,Class 12,36,Class 9,4,Class12th,5,Current Affairs,4,Economics,1,Economics XI,1,EcoXCh1,5,EcoXCh2,14,EcoXCh3,17,Engineering,1,English,1,Exam,1,Geography,6,Geography XI,1,GeoXCh1,14,GeoXCh3,1,GeoXCh4,15,GeoXCh5,1,Hindi Medium,2,History,35,History HW,4,HisXCh1,32,HisXCh2,31,HisXCh3,42,Homework,98,IAS,2,Imp Question Answer,20,India,1,Indian Railway,2,Map Work,1,Maths,6,Maths Homework X,19,Model Answer Sheet,1,Ncrt Solution,2,News,2,Notes,10,Pol Science,1,Political Science,37,Political Science XI,1,Question Paper,1,School Update,1,Science,13,Science Class 10,5,Science Fact,2,Science Ka Tadka,5,Science Myths & Facts,4,Science X,1,Science X HW,17,Smart Study,1,sst,6,SSt X,38,SSt Xi,14,Sst XII,6,Support Material,5,Syllabus,1,Tips,1,Train,2,UPSC,4,Video,4,XII,1,अपना देश,1,दुनियादारी,2,
ltr
item
Full On Guide (Fog Classes) : उपनिवेशवाद और देहात{सरकारी और अद्ययन}
उपनिवेशवाद और देहात{सरकारी और अद्ययन}
उपनिवेशवाद और देहात{सरकारी और अद्ययन}
Full On Guide (Fog Classes)
https://www.fullonguide.online/2021/02/Class-12-History-chapter-10-colonialism-and-the-countryside.html
https://www.fullonguide.online/
https://www.fullonguide.online/
https://www.fullonguide.online/2021/02/Class-12-History-chapter-10-colonialism-and-the-countryside.html
true
6986802487927392673
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All ये हमारी तरफ से आपके लिए गिफ्ट यहाँ आपके लिए पेश है ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content